जी. एस. कॉलेज, खामगांव में बी. ए. उर्दू (ऑनर्स) उर्दू मीडियम में दाखिलों का आगाज़, मुस्तहिक छात्रों के लिए फीस में रियायत का ऐलान
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खामगांव (संवाददाता): विदर्भ ख़ित्ते के कदीम, मोतबर और शहरा-ए-आफ़ाक तालीमी इदारे जी. एस. विज्ञान, कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, खामगांव ज़िला बुलढाणा में तालीमी साल 2026-2027 के लिए बी. ए. उर्दू (ऑनर्स) उर्दू मीडियम में दाखिलों का बाकायदा आगाज़ हो गया है। सन 1947 में क़ायम होने वाला यह तारीखी इदारा गुज़िश्ता कई दहाइयों से मयारी तालीम, बेहतरीन तदरी सी रिवायत, इल्मी माहौल और तलबा की हमाजिहत शख्सियत साज़ी के लिए पूरे विदर्भ ख़ित्ते में नुमायां शनाख़्त रखता है। इस इदारे से तालीम हासिल करने वाले हज़ारों छात्र आज मुल्क और बेरून-ए-मुल्क मुख्तलिफ़ शोबा-हाए ज़िंदगी में नुमायां ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं। अब इसी तालीमी रिवायत को मज़ीद मज़बूत करते हुए कॉलेज में बी. ए. उर्दू (ऑनर्स) उर्दू मीडियम कोर्स का आगाज़ किया गया है, जिससे उर्दू ज़बान व अदब से दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए आली तालीम के नए मौक़े पैदा हुए हैं।
संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय, अमरावती की मंज़ूरी के बाद कॉलेज में बी. ए. उर्दू (ऑनर्स) उर्दू मीडियम डिग्री शुरू की गई है, जो कौमी तालीमी पॉलिसी 2020 के तहत जदीद तक़ाज़ों के मुताबिक तरतीब दी गई है। इस नए कोर्स की सबसे बड़ी ख़ुसूसियत यह है कि यहां दाखिला लेने वाले तलबा को सिर्फ ग्रेजुएशन तक महदूद नहीं रहना पड़ेगा बल्कि वह इसी इदारे से अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन तक की आला तालीम भी मुकम्मल कर सकेंगे। इस सहूलत से तलबा को न सिर्फ तालीमी तसलसुल हासिल होगा बल्कि उन्हें तहक़ीक़, तनक़ीद, तदरीस, सहाफ़त, तरजुमा, ज़राए इबलाग़, मुसाबक़ती इम्तिहानात और सिविल सर्विस जैसे मुख्तलिफ़ शोबों में बेहतर मुस्तकबिल बनाने के मौक़े भी मयस्सर आएंगे।
रवां साल बारहवीं जमात का इम्तिहान आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स किसी भी मीडियम से कामयाब करने वाले तमाम तलबा इस कोर्स में दाखिला लेने के अहल क़रार दिए गए हैं। कॉलेज इंतिज़ामिया के मुताबिक ऐसे तलबा जो उर्दू ज़बान व अदब से मुहब्बत रखते हैं और अपनी इल्मी व पेशावराना ज़िंदगी में मज़बूत बुनियाद क़ायम करना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स निहायत मुफ़ीद साबित होगा।
कॉलेज में जदीद कुतुबखाना, हज़ारों इल्मी व तहक़ीकी किताबों का ज़खीरा, इंटरनेट सहूलियात, जदीद तजरिबागाहें, तहक़ीकी माहौल और तजरबाकार असातिज़ा की रहनुमाई दस्तयाब है, जिससे छात्रों की तालीमी और तहक़ीकी सलाहियतों को नई सिम्त मिलेगी।
दाखिले के ख़्वाहिशमंद उम्मीदवार कॉलेज की वेबसाइट के ज़रिए ऑनलाइन फ़ॉर्म भर सकते हैं, जबकि कॉलेज के दफ़्तर से मालूमाती किताबचा हासिल करके उसमें दी गई हिदायात के मुताबिक भी दरख़्वास्त जमा की जा सकती है। दाखिले के लिए बारहवीं जमात की असल मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, दो अदद रंगीन पासपोर्ट साइज़ तस्वीरें, वालिदैन का आमदनी सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और तमाम मुताल्लिक़ा दस्तावेज़ात के तीन-तीन फ़ोटोकॉपी सेट जमा करवाना ज़रूरी क़रार दिया गया है ताकि दाखिला अमल में किसी क़िस्म की दुश्वारी पेश न आए।
कॉलेज इंतिज़ामिया ने छात्रों की हौसलाअफ़ज़ाई और आला तालीम के फ़रोग़ के लिए ख़ुसूसी मराआत का भी ऐलान किया है। जी. एस. कॉलेज में दाखिला लेने वाले मुस्तहिक तलबा मरकज़ी व रियासती हुकूमत की मुख्तलिफ़ वज़ीफ़ा स्कीमों से फ़ायदा उठा सकेंगे, जिनमें अक़लियती छात्रों के लिए पांच हज़ार रुपये तक की माली इमदाद भी शामिल है।
इसके अलावा इदारे ने अपनी समाजी ज़िम्मेदारी अदा करते हुए यह वाज़ेह किया है कि ऐसे बासलाहियत तलबा जो माली दुश्वारियों की वजह से दाखिला लेने से महरूम रह जाते हैं या दाखिला फीस अदा करने की इस्तिताअत नहीं रखते, वह मायूस होने के बजाय शोबा-ए-उर्दू से राब्ता करें। कॉलेज इंतिज़ामिया और शोबा-ए-उर्दू की जानिब से ऐसे तलबा की मुकम्मल रहनुमाई की जाएगी और उनकी फीस से मुताल्लिक मसअला तरजीही बुनियादों पर हल करने की कोशिश की जाएगी ताकि कोई भी मुस्तहिक तालिब-ए-इल्म सिर्फ माली मुश्किलात की वजह से आला तालीम से महरूम न रहे।
कॉलेज में उर्दू ज़बान व अदब के फ़रोग़ के लिए निहायत साज़गार और इल्मी माहौल फ़राहम किया गया है जहां तलबा को निसाबी तालीम के साथ-साथ अदबी सरगर्मियों, इल्मी मुज़ाकरों, तरबियती वर्कशॉप्स, तहक़ीकी मंसूबों और मुसाबक़ती इम्तिहानात की तैयारी के मौक़े भी फ़राहम किए जाते हैं। यही वजह है कि यह इदारा न सिर्फ ज़िला बुलढाणा बल्कि पूरे विदर्भ ख़ित्ते में उर्दू तालीम के एक मज़बूत मरकज़ के तौर पर अपना मुक़ाम और मर्तबा बरक़रार रखे हुए है।
दाखिले से मुताल्लिक किसी भी क़िस्म की रहनुमाई, कोर्स की तफ़सीलात या दीगर मालूमात के लिए छात्र और सरपरस्त शोबा-ए-उर्दू के सदर प्रा. डॉ. मोहम्मद रागिब देशमुख से बराहे रास्त मोबाइल नंबरात 9422926544 या 7972780976 पर राब्ता कर सकते हैं। कॉलेज इंतिज़ामिया ने तमाम छात्रों और सरपरस्तों से अपील की है कि वह इस सुनहरे मौक़े से फ़ायदा उठाते हुए जल्द अज़ जल्द अपना दाखिला यक़ीनी बनाएं क्योंकि महदूद निशस्तों पर दाखिला जारी है और मयारी तालीम ही रोशन मुस्तकबिल की असल ज़मानत है।