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इकरा हसन बनीं ‘सर्वश्रेष्ठ नवोदित महिला सांसद’, लोकमत पार्लियामेंटरी अवॉर्ड 2025 से सम्मानित

इकरा हसन बनीं ‘सर्वश्रेष्ठ नवोदित महिला सांसद’, लोकमत पार्लियामेंटरी अवॉर्ड 2025 से सम्मानित

इकरा हसन: संसद में नई पीढ़ी की दमदार आवाज़, ‘सर्वश्रेष्ठ नवोदित महिला सांसद’ का सम्मान

प्रा. डॉ. मोहम्मद रागीब देशमुख

नई दिल्ली। कैराना लोकसभा सीट से सांसद इकरा हसन चौधरी ने भारतीय संसदीय राजनीति में बेहद कम समय में अपनी एक सशक्त और प्रभावशाली पहचान बना ली है। जनता से जुड़े मुद्दों को संसद के पटल पर मजबूती से रखने, तार्किक बहस करने और संवेदनशील विषयों पर स्पष्ट पक्ष रखने के लिए उन्हें लोकमत पार्लियामेंटरी अवॉर्ड 2025 में “बेस्ट डेब्यूटेंट वूमन पार्लियामेंटेरियन ऑफ द ईयर” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली स्थित नए महाराष्ट्र सदन में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। लोकसभा में अपने पहले ही कार्यकाल के दौरान इकरा हसन ने यह साबित कर दिया कि वे केवल प्रतीकात्मक उपस्थिति नहीं, बल्कि सक्रिय संसदीय भूमिका निभाने वाली सांसद हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यकों के अधिकार, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार जैसे विषयों पर उनके प्रश्न, हस्तक्षेप और भाषणों को गंभीरता से सुना गया। संसद के भीतर उनकी भागीदारी ने उन्हें एक जागरूक, उत्तरदायी और भविष्य की राजनीति का चेहरा बना दिया है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इकरा हसन ने कैराना सीट से शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और मजबूत माने जाने वाले प्रत्याशी को लगभग 69 हजार मतों के अंतर से पराजित किया। यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं थी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बदलाव का संकेत भी मानी गई। महज 31 वर्ष की उम्र में सांसद बनकर इकरा हसन भारत की सबसे युवा मुस्लिम महिला सांसदों में शामिल हो गईं, जिससे देशभर में उनकी चर्चा शुरू हो गई। इकरा हसन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उन्हें अलग पहचान देती है। उन्होंने लंदन से उच्च शिक्षा प्राप्त की है, जिसका असर उनके विचारों, भाषण शैली और नीतिगत समझ में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वैश्विक दृष्टिकोण के साथ स्थानीय समस्याओं की गहरी समझ उन्हें अन्य युवा नेताओं से अलग करती है। लोकमत संसदीय पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2017 में की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे सांसदों को सम्मानित करना है जो संसद में सार्थक बहस, सकारात्मक हस्तक्षेप और जनहित में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। पिछले कई वर्षों से यह पुरस्कार भारतीय संसदीय लोकतंत्र को सशक्त करने वाले जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करता आ रहा है। इकरा हसन को मिला यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उनका संसदीय प्रदर्शन न सिर्फ जनता, बल्कि निष्पक्ष ज्यूरी और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में भी सराहनीय रहा है। इस पुरस्कार समारोह में केंद्र सरकार के मंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री, सांसद, वरिष्ठ पत्रकार और न्यायपालिका से जुड़े प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे। ज्यूरी में लोकसभा और राज्यसभा के अनुभवी सांसदों के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार और संवैधानिक विशेषज्ञ शामिल थे, जिससे इस सम्मान की विश्वसनीयता और गरिमा और भी बढ़ गई। इकरा हसन आज सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लोकतंत्र में उम्र, लिंग या पृष्ठभूमि बाधा नहीं बनती अगर विचार स्पष्ट हों और उद्देश्य जनसेवा का हो। खासकर मुस्लिम समाज और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली लड़कियों के लिए इकरा हसन की यात्रा उम्मीद और आत्मविश्वास की मिसाल है। लोकमत पार्लियामेंटरी अवॉर्ड 2025 से सम्मानित होना इकरा हसन के राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। संसद में उनकी सक्रियता, विषयों पर पकड़ और जनता से जुड़े मुद्दों के प्रति प्रतिबद्धता यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में वे राष्ट्रीय राजनीति में और भी बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। कुल मिलाकर, इकरा हसन का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में युवा, शिक्षित और संवेदनशील नेतृत्व के उभार का प्रतीक भी है। इस भव्य आयोजन में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, लोकमत पार्लियामेंटरी अवॉर्ड की ज्यूरी के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, सहकार एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश भूषण गवई की विशेष उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व सांसद डॉ. विजय दर्डा और एडिटर-इन-चीफ राजेंद्र दर्डा भी इस अवसर पर मौजूद रहे। इस वर्ष की ज्यूरी में लोकसभा सांसद सौगत राय, भर्तृहरि महताब, निशिकांत दुबे, कनिमोझी करुणानिधि, राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा, जया बच्चन, अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त सहित अनेक प्रतिष्ठित नाम शामिल थे।

 

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